#शहीद_ए_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #पृष्ठ_54
हमने उस पर भी सोच रखा है, अर्नेस्ट ने जवाब दिया। और इसका जवाब हम तुम्हें गोलियों से देंगे।सत्ता, तुम्हीं ने इसे शब्दों का राजा कहा है। बहुत अच्छा!सत्ता ,देखेंगे इसे।और जिस दिन हम चुनाव में विजय हासिल कर लेंगे, और तुम हमारी इस सवैंधानीक और शांतिपूर्ण ढ़ग से हासिल कि गई सत्ता को हमें सौपने से इंकार कर दोगे,तो तुम्हारे इस जवाब में कि हम क्या करेंगे -उस दिन, मै बता दूं की हम तुम्हें इसका जवाब देंगे, हम बमगोलो की गड़गड़ाहट और मशीनगनो की तड़तड़ाहट से अपना जवाब देंगे।तुम हमसे बच नहीं सकते। यह यही है कि तुमने इतिहास को ठीक से पढ़ा है । यह सही है कि श्रम इतिहास के आरंभ से ही धूल चटता आ रहा है। और यह भी सही है कि जब तक तुम्हारे उत्तराधिकारियों के हाथ में सत्ता रहेगी,तब तक श्रम धुल ही चाटता रहेगा । मै तुमसे सहमत हूं ।सत्ता ही निर्णायक ही होगी ,जैसा कि हमेसा होता आया है ;यही तो वर्गों का संघर्ष है। जैसे तुम्हारे वर्ग ने पुराने सामंती तत्रं को ध्वस्त किया, ठिक वैसे ही मेरा वर्ग , मजदूर वर्ग, तुम्हारे वर्ग को ध्वस्त कर डालेगा। अगर तुम अपने प्राणिविज्ञान और समाज विज्ञान को भी उतनी ही स्पष्टता से पढ़ो, जितनी स्पष्टता से तुम इतिहास पढ़ते हो, तो तुम देखोगे के मैने जिस हश्र का वर्णन किया है वह अपरिहार्य है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसमें एक वर्ष लगेगा, दस वर्ष लगेंगे - यह तय है कि तुम्हारा वर्ग मिट्टी मे मिल जाएगा। और यह सत्ता के जरिए ही होगा। हम मेहनतकश इस शब्द को इतना रट चुके हैं कि हमारे दिमाग इससे झनझना रहा है। सत्ता यह एक राजोचित शब्द है।
-(जैक लंडन कृत आयरन हील(पृष्ठ 88)।)
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इंकलाब जींदाबाद =साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
वन्दे मातरम्
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द, किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं
धन्यवाद
आपका अपना #हरिसिंह_ददरेवा_अभितेजवादी
9377293519
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
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