#शहीद_ऐ_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #पृष्ठ_105
#विधिशास्त्र ( ऐसा प्रतीत होता है कि भगत सिंह ने विधिशास्त्र संबंधी व्यापक अध्ययन की रूपरेखा बनाई थी, जो नोटबुक के अगले कई पृष्ठों तक जारी है।)
1.कानून का प्रावधान = जिस रूप में वह मौजूद है। 2.कानून का इतिहास = जिस रूप में उसका विकास हुआ।
3. कानून - विधान का विज्ञान = जैसा उसे होना चाहिए।
1. सैद्धांतिक = दर्शन विधि के विज्ञान के लिए
2. सामान्य = विधिशास्त्र आधार प्रदान करना ।
1. विश्लेषणात्मक
2.ऐतिहासिक विधिशास्त्र
3.नीतिशास्त्रीय
1.विश्लेषणात्मक विधिशास्त्र; कानून के प्रथम सिद्धांत की व्याख्या करता है ।
इसकी विषय वस्तु है:
(क) नागरिक कानून की अवधारणा
(ख) नागरिक और अन्य कानूनों के बीच में संबंध
(ग) विधिक संगटक विचार जो कानून की धारणा, जैसे राज्य, संप्रभुता और न्याय प्रशासन का संघटन करते हैं।(घ) कानून के कानूनी स्त्रोत और विधि-निर्माण का सिद्धांत आदी।
(ड़) कानून के वैज्ञानिक वर्गीकरण
(च) कानूनी अधिकार
(छ) कानूनी (दिवानी और फौजदारी )दायित्व का सिद्धांत (ज) कानूनी अवधारणाएं।
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना
हरिसिंह ददरेवा अभितेजवादी9377293519
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#विधिशास्त्र ( ऐसा प्रतीत होता है कि भगत सिंह ने विधिशास्त्र संबंधी व्यापक अध्ययन की रूपरेखा बनाई थी, जो नोटबुक के अगले कई पृष्ठों तक जारी है।)
1.कानून का प्रावधान = जिस रूप में वह मौजूद है। 2.कानून का इतिहास = जिस रूप में उसका विकास हुआ।
3. कानून - विधान का विज्ञान = जैसा उसे होना चाहिए।
1. सैद्धांतिक = दर्शन विधि के विज्ञान के लिए
2. सामान्य = विधिशास्त्र आधार प्रदान करना ।
1. विश्लेषणात्मक
2.ऐतिहासिक विधिशास्त्र
3.नीतिशास्त्रीय
1.विश्लेषणात्मक विधिशास्त्र; कानून के प्रथम सिद्धांत की व्याख्या करता है ।
इसकी विषय वस्तु है:
(क) नागरिक कानून की अवधारणा
(ख) नागरिक और अन्य कानूनों के बीच में संबंध
(ग) विधिक संगटक विचार जो कानून की धारणा, जैसे राज्य, संप्रभुता और न्याय प्रशासन का संघटन करते हैं।(घ) कानून के कानूनी स्त्रोत और विधि-निर्माण का सिद्धांत आदी।
(ड़) कानून के वैज्ञानिक वर्गीकरण
(च) कानूनी अधिकार
(छ) कानूनी (दिवानी और फौजदारी )दायित्व का सिद्धांत (ज) कानूनी अवधारणाएं।
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना
हरिसिंह ददरेवा अभितेजवादी9377293519
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