Friday, 8 June 2018

शहीद ऐ आजम सरदार भगत सिंह जी जेल डायरी पृष्ठ 103

#शहीद_ए_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #जेल_नोट्स
#पृष्ठ  103

#लेस_मिजरेबल्स_की_भूमिका
        जब तक कानून और परंपरा की बदौलत एक ऐसी सामाजिक अधोगति मौजूद रहेगी जिसमें सभ्यता के भीतर नरक निर्मित होते रहेंगे और दैवीय नियति के साथ मानवीय नियति का उलझाव होता रहेगा, जब तक इस युग की तीन समस्याएं गरीबी के कारण मनुष्य की दुर्गति, भूख के कारण नारी की अधोगति और अज्ञानता के कारण बच्चों की अशक्तता - हल नहीं होती, जब तक कुछ क्षेत्रों में सामाजिक घुटन मौजूद रहेगी - दूसरे शब्दों में,  तथा एक और भी व्यापक दृष्टिकोण से - जब तक इस धरती पर अज्ञानता और बदहाली बरकरार रहेगी, तब तक ऐसी किताबें व्यर्थ सिद्ध नहीं होंगी ।
                =विक्टर ह्यूगो (फ्रांसीसी कवि नाटककार उपन्यासकार और रोमांसवाद के प्रवर्तक ; लेस मिजरेबल्स उनका 1862 में लिखा एक क्लासिक उपन्यास है )

#न्यायधीश_की_परिभाषा
        न्यायधीश (अपने फैसले से ) जो कष्ट पहुंचता है, यदि वह स्वयं उसके पति निष्ठुर हो, तो वह न्याय करने का अधिकार खो बैठता है ।
                     =रवींद्रनाथ ठाकुर

लेकिन अप्रतिरोधी शहादत जो कर पाने में असफल रह जाती है, उसे न्याय प्रिय और प्रतिरोधी शक्ति कर डालती है, तथा अत्याचारी को और अधिक हानि पहुंचाने में नाकाम कर देती है ।

    धर्मांतरित होने के बजाय मार डाले जाओ उस समय हिंदुओं के बीच यही पुकार प्रचलित थी । लेकिन रामदास (प्रसिद्ध मराठा संत और शिवाजी के प्रेरणा गुरू)  उठ खड़े हुए और कहा, नहीं ! ऐसे नहीं ! धर्मांतरित होने से बेहतर है मार डाले जाना - यह कहना काफी अच्छा है, लेकिन इससे भी बेहतर है यह कोशिश करना कि न तो मारे जाओ और न ही धर्मांतरित होओ, बल्कि खुद हिंसा की शक्तियों को मार डालो । इसमें अगर मरना ही है तो मर डालो । इससे अगर मरना ही है तो मार दिए जाओ, लेकिन विजय की खातिर मारते हुए मरो - न्याय की जीत के लिए मरो।
           = हिंदू पर पदशही, पृष्ठ 181- 82
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 हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना #हरिसिंह_ददरेवा_अभितेजवादी
.9377293519.
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