Thursday, 10 May 2018

शहीद ऐ आजम सरदार भगत सिंह जी जेल डायरी पृष्ठ 60

#शहीद_ऐ_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी  
#पृष्ठ_60
#आदमी_और_मशीनरी
  सी. नैनफार्ड हेंडरसन अपनी कृति रे में लिखता हैं :
  यह उद्योग की संस्था, जो सभी संस्थाओं में सबसे पुरानी है, मानव जाति को चीजों की निरंकुशता से मुक्त करने की गरज से संगठित और विकसित हुई, लेकिन अब यह स्वयं उससे बड़ी निरंकुशता बन चुकी है,जो विशाल आबादी को गुलामों की दशाओं में - ऐसे गुलामों की दशाओं में धकेलता जा रही है जो लंबे और थका देने वाले घंटो तक काम करने हुए, ढेंरो चीजें पैदा करते रहने के लिए अभिशप्त हैं, जबकि वे जो चीजें पैदा करते हैं, खुद उन्हीं के अभाव से त्रस्त रहने के लिए विवश है।
         (पाव.रिचेज,(पृष्ठ87)>)
#आदमी_मशीनरी_के_लिए_नहीं_है
     आदमी ने इस्पात और आग के संयोग से चीज पैदा की है और जिसे मशीन कहा है, उसे निश्चय ही हमेशा मनुष्य का स्वामी नहीं, बल्कि सेवक ही रहना । न तो मशीन और न ही मशीन के मालिक को मानव जाति पर शासन करने का अधिकार है।
#साम्राज्यवाद
    साम्राज्यवाद विकास के उच्चारण का पूंजीवाद है जिसमें इजारेदारीयों और  वित्तीय पूंजी ने एक प्रभुत्व कारी प्रभाव हासिल कर लिया है, निर्यात -पूंजी भारी महत्व प्राप्त कर चुकी है ,अंतर्राष्ट्रीय ट्रस्टों ने दुनिया का बटवारा करना शुरू कर दिया है,  और सबसे बड़े पूंजीवाद देशों नें पृथ्वी के समूचे भौगोलिक क्षेत्रफल का आपस में बंटवारा पूरा कर लिया है
       (लेनिन)

++++++++++
हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मैं सब से हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं
आपका अपना हरिसिंह ददरेवा #अभितेजवादी
9377293519
इंकलाब जिंदाबाद साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
जय जवान जय किसान
वन्दें मातरम्
++++++++

No comments:

Post a Comment