Sunday, 27 May 2018

शहीद ऐ आजम सरदार भगत सिंह जी जेल डायरी पृष्ठ 74

#शहीद_ऐ_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी
#पृष्ठ_74

#हिचकिचाहट
      नेताओं कि ओर से दिखाई जाने वाली, और उनके अनूयायीयों द्वारा महसूस कि जाने वाली हिचकिचाहट राजनीति में आमतौर पर नुकसानदेह साबित होती हैं, और सशस्त्र जन विद्रोह कि स्तिथि में तो यह एक घातक खतरा है।
   #युद्ध
           ......युद्ध, युद्ध है, चाहे जो भी हो, इसमे कोई हिचकिचाहट या वक्त कि बर्बादी नहीं होनी चाहिए।
#अक्षम_नेता
      ....ऐसै नेताओं कि दो किस्में है जो पार्टी को ऐसे वक्त पीछे खींचने का रूझान रखते हैं, जब उसे सबसे तेज गति से आगे बढ़ने कि जरूरत होती है। एक किस्म ऐसे नेताओं कि है जिनकी प्रवृती क्रातीं के रास्ते में हमेशा ही बेपनाह कठिनाइयां और बाधाएं देखने कि होती है, और जो उन्हें देखकर चेतन या अचेतन  तौर पर उनसे बचने कि इच्छा रखते हैं। ये मार्क्सवाद को तोड़ मरोडकर इस रूप में व्याख्यायित करने लगते हैं कि क्रांतिकारी कार्यवाई क्यों असंभव है।
(संवत लेन्स आॅफ अक्टूबर 1917 से)
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#पृष्ठ 75 से 100 हमें उपलब्ध हुई नोटबुक कि प्रति मे नहीं थे।
#अगला पृष्ठ संख्या 101(74)है
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द, किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना
#हरिसिंह_ददरेवा_अभितेजवादी
.9377293519
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