#शहीद_ऐ_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #पृष्ठ_62
#श्रम_का_शोषण_और_राज्य
सिर्फ प्राचीन और सामंती ही नहीं, बल्कि आज के प्रतिनिधि राज्य भी पूंजी द्वारा उजरती श्रम के शोषण का एक उपकरण ही है ।
-एंगेल्स (परिवार, व्यक्तिगत सम्पति और राज्यसत्ता कि उत्पति से।)
#अधिनायकत्व
चूंकि राज्य सिर्फ एक आस्था भर है जिसका उपयोग अपने शत्रुओं का बलपूर्वक दमन करने के लिए क्रांति में किया जाता है, इसलिए जनता के स्वतंत्रत राज्य की बात करना कोरी बकवास है, जब तक सर्वहारा वर्ग को राज्य की आवश्यकता रहती, तब तक इसकी आवश्यकता स्वतंत्रता के हित में नहीं, बल्कि अपने विरोधियों के दमन के लिए करनी पड़ती है, और जैसे ही स्वतंत्रता की बात करना संभव हो जाता है, वैसे ही इस का अस्तित्व अपने आप खत्म हो जाता है ।
- बेबेल (आॅगस्त बेबेल 1840 -1913 : जर्मन तथा अंतरराष्ट्रिय मजदूर आंदोलन के एक प्रसिद्ध नेता 1867 से जर्मन मजदूर संघों की लीग के नेता, पहले इंटरनेशनल के सदस्य, 1867 से राइखस्टाग(जर्मन संसद) के सदस्य, जर्मन सामाजिक जनवाद के संस्थापकों मे से एक, मार्क्स तथा एंगेल्स के मित्र तथा सहयोगी, दूसरे इंटरनेशनल के प्रमुख नेता।) को लिखे एंगल्स के पत्र से 28 मार्च 1875
#अधीर_आदर्शवादी
अधिर आदर्शवादी के लिए और बिना कुछ आधारित के शायद ही आदमी प्रभाव सिद्ध हो सके यह लगभग तय है बात है कि दुनिया को खुशहाल बनाने की कोशिश में उसे अपने विरोधियों की घृणा का पात्र बनना होगा और निराशा भी होना पड़ सकता है ।--बर्ट्रेंड रसेल
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इंकलाब जिंदाबाद =साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
वंन्दे मातरम्
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को, किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मैं सब से हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं
धन्यवाद
आपका अपना #हरिसिंह_ददरेवा_अभीतेजवादी
.09377293519
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#श्रम_का_शोषण_और_राज्य
सिर्फ प्राचीन और सामंती ही नहीं, बल्कि आज के प्रतिनिधि राज्य भी पूंजी द्वारा उजरती श्रम के शोषण का एक उपकरण ही है ।
-एंगेल्स (परिवार, व्यक्तिगत सम्पति और राज्यसत्ता कि उत्पति से।)
#अधिनायकत्व
चूंकि राज्य सिर्फ एक आस्था भर है जिसका उपयोग अपने शत्रुओं का बलपूर्वक दमन करने के लिए क्रांति में किया जाता है, इसलिए जनता के स्वतंत्रत राज्य की बात करना कोरी बकवास है, जब तक सर्वहारा वर्ग को राज्य की आवश्यकता रहती, तब तक इसकी आवश्यकता स्वतंत्रता के हित में नहीं, बल्कि अपने विरोधियों के दमन के लिए करनी पड़ती है, और जैसे ही स्वतंत्रता की बात करना संभव हो जाता है, वैसे ही इस का अस्तित्व अपने आप खत्म हो जाता है ।
- बेबेल (आॅगस्त बेबेल 1840 -1913 : जर्मन तथा अंतरराष्ट्रिय मजदूर आंदोलन के एक प्रसिद्ध नेता 1867 से जर्मन मजदूर संघों की लीग के नेता, पहले इंटरनेशनल के सदस्य, 1867 से राइखस्टाग(जर्मन संसद) के सदस्य, जर्मन सामाजिक जनवाद के संस्थापकों मे से एक, मार्क्स तथा एंगेल्स के मित्र तथा सहयोगी, दूसरे इंटरनेशनल के प्रमुख नेता।) को लिखे एंगल्स के पत्र से 28 मार्च 1875
#अधीर_आदर्शवादी
अधिर आदर्शवादी के लिए और बिना कुछ आधारित के शायद ही आदमी प्रभाव सिद्ध हो सके यह लगभग तय है बात है कि दुनिया को खुशहाल बनाने की कोशिश में उसे अपने विरोधियों की घृणा का पात्र बनना होगा और निराशा भी होना पड़ सकता है ।--बर्ट्रेंड रसेल
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इंकलाब जिंदाबाद =साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
वंन्दे मातरम्
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को, किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मैं सब से हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं
धन्यवाद
आपका अपना #हरिसिंह_ददरेवा_अभीतेजवादी
.09377293519
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