#शहीद_ऐ_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #पृष्ठ_69
#कम्युनिस्टों_का_लक्ष्य
कम्युनिस्ट अपने दृष्टिकोण और लक्ष्य छिपाने से घृणा करते हैं। वह खुले तौर पर एलान करते हैं कि उनका लक्ष्य सिर्फ समस्त मौजूदा सामाजिक दशाओं को बलपूर्वक उखाड़ फेंकने के द्वारा ही हासिल हो सकता है। शासक वर्गों को कम्युनिस्ट क्रांति के वजह से कांपने दो। सर्वहारा के पास अपनी बेड़ियां के सिवा खोने के लिए कुछ नहीं है । जीतने के लिए उनके सामने सारी दुनिया है।#दुनिया_के_मजदूरों #एक_हो !
#कम्युनिस्ट_क्रांति_का_लक्ष्य
हम ऊपर देख चुके हैं, कि मजदूर वर्ग की क्रांति में पहला कदम, सर्वहारा वर्ग को उठाकर शासक वर्ग की स्थिति में लाना है, जनवाद की लड़ाई को जीतना है। सर्वहारा अपने राजनीतिक प्रभुत्व का प्रयोग बुर्जुआ वर्ग से धीरे-धीरे करके सारी पूंजी छीनने , उत्पादन के सभी उपकरणों को राज्य के, अर्थात शासक वर्ग के रूप में संगठित सर्वहारा वर्ग के हाथों में केंन्द्रकृत करने तथा उत्पादक शक्तियों की समग्रता में यथाशीघ्र वृद्धि करने के लिए करेगा ।(#कम्युनिस्ट #घोषणा_पत्र का आखिरी अनुच्छेद)
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द, किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना
#हरिसिंह_ददरेवा_अभीतेजवादी
.9377293519
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इंकलाब जिंदाबाद = साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
वन्दे मातरम्
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
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