#शहीद_ए_आजम_सरदार_भगत_सिंह_की_जेल_डायरी #पृष्ठ_संख्या_71
लेनिन ने जुलाई 1917 में लिखा, यहां अक्सर होता है कि जब घटनाएं अचानक मोड़ ले लेती है, तो एक अग्रणी पार्टी भी कुछ समय तक के लिए इस नई परिस्थिति के साथ अपनी सुसंगति नहीं बना पाती । वह वही पुराने जुमले दोहराती है, जो इस नई परिस्थिति में अर्थहीन हो चुके होते हैं, तथा जिस अनुपात में घटनाओं में अप्रत्याशित परिवर्तन हो चुका होता है, उसी अनुपात में उनकी अर्थव्यवस्था भी अप्रत्याशित रूप से खत्म हो चुकी होती हैं। (लेसंस ऑफ अक्टूबर पृष्ठ 17 (1926 में प्रकाशित त्रात्स्की कि पुस्तक लाइसेंस ऑफ अक्टूबर 1917 से) )
#रणकौशल_और_रणनीति
जैसे युद्ध में, वैसे ही राजनीति में भी, रणकौशल का अर्थ है अलग-अलग कार्रवाई का संचालन करने की कला; रणनीति का अर्थ है विजय पाने की, अर्थात सत्ता पर वास्तविक कब्जा करने की कला।(ले.आॅ.अ.पृष्ठ 18)
#प्रचार_और_कार्यवाही
और जब सर्वहारा वर्ग की पार्टी तैयारी से, यानी प्रचार और संगठन एवं आंदोलन से, आगे बढ़कर सत्ता के लिए वास्तविक संघर्ष में उतरती है और बुर्जुआ वर्ग के विरुद्ध एक वास्तविक जन - विद्रोह को अंजाम देने लगती है, तब तक अचानक अत्यधिक बदलाव घटित हो जाता है । ऐसे में पार्टी के भीतर ऐसे तत्व नहीं रखते, या संदेहशील, या समझौतावादी, या कायर होते हैं - वे जन- विद्रोह का विरोध करने लगते हैं और उन्हें ये दलीलें, अपने कल के विरोधियों के बीच, एकदम पके- पकाए तौर पर, मिल भी जाती है ।
(त्रात्स्की की किताब लेंसस आॅफ अक्टूबर 1917 से)
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना हरिसिंह ददरेवा अभीतेजवादी9377293519
इंकलाब जींदाबाद = साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
वन्दे मातरम्
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लेनिन ने जुलाई 1917 में लिखा, यहां अक्सर होता है कि जब घटनाएं अचानक मोड़ ले लेती है, तो एक अग्रणी पार्टी भी कुछ समय तक के लिए इस नई परिस्थिति के साथ अपनी सुसंगति नहीं बना पाती । वह वही पुराने जुमले दोहराती है, जो इस नई परिस्थिति में अर्थहीन हो चुके होते हैं, तथा जिस अनुपात में घटनाओं में अप्रत्याशित परिवर्तन हो चुका होता है, उसी अनुपात में उनकी अर्थव्यवस्था भी अप्रत्याशित रूप से खत्म हो चुकी होती हैं। (लेसंस ऑफ अक्टूबर पृष्ठ 17 (1926 में प्रकाशित त्रात्स्की कि पुस्तक लाइसेंस ऑफ अक्टूबर 1917 से) )
#रणकौशल_और_रणनीति
जैसे युद्ध में, वैसे ही राजनीति में भी, रणकौशल का अर्थ है अलग-अलग कार्रवाई का संचालन करने की कला; रणनीति का अर्थ है विजय पाने की, अर्थात सत्ता पर वास्तविक कब्जा करने की कला।(ले.आॅ.अ.पृष्ठ 18)
#प्रचार_और_कार्यवाही
और जब सर्वहारा वर्ग की पार्टी तैयारी से, यानी प्रचार और संगठन एवं आंदोलन से, आगे बढ़कर सत्ता के लिए वास्तविक संघर्ष में उतरती है और बुर्जुआ वर्ग के विरुद्ध एक वास्तविक जन - विद्रोह को अंजाम देने लगती है, तब तक अचानक अत्यधिक बदलाव घटित हो जाता है । ऐसे में पार्टी के भीतर ऐसे तत्व नहीं रखते, या संदेहशील, या समझौतावादी, या कायर होते हैं - वे जन- विद्रोह का विरोध करने लगते हैं और उन्हें ये दलीलें, अपने कल के विरोधियों के बीच, एकदम पके- पकाए तौर पर, मिल भी जाती है ।
(त्रात्स्की की किताब लेंसस आॅफ अक्टूबर 1917 से)
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हो सकता है कि लिखते समय किसी शब्द को किसी शब्द सूचक को सही ढंग से नहीं लिख पाया हूं तो मै सबसे हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं धन्यवाद आपका अपना हरिसिंह ददरेवा अभीतेजवादी9377293519
इंकलाब जींदाबाद = साम्राज्यवाद मुर्दाबाद
जय हिंद जय भारत
जय जवान जय किसान
वन्दे मातरम्
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